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कांग्रेस ने एक विधेयक का नहीं महिलाओं को सशक्त बनाने और अधिकार देने का विरोध किया है।

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कांग्रेस ने एक विधेयक का नहीं महिलाओं को सशक्त बनाने और अधिकार देने का विरोध किया है।

महिला आरक्षण विधेयक को संसद में गिराना महिलाओं के अधिकारों के चीरहरण जैसा।

राष्ट्रहित के कार्य को कांग्रेस और विपक्षी दलों ने राजनीति के तराजू से तौला व महिला आरक्षण रोका।

नारी शक्ति वंदन‘ अधिनियम के विरोध से विपक्ष का असली चेहरा जनता के सामने आ गया।

खंडवा। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने देश की आधी आबादी को देश की संसद और राज्यों की विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण दिलाने के लिए ‘नारी शक्ति वंदन‘ अधिनियम लेकर आए। कांग्रेस और विपक्षी दलों द्वारा विरोध कर संसद में ‘नारी शक्ति वंदन‘ अधिनियम को गिराना महिलाओं के अधिकारों के चीरहरण जैसा है। प्रवक्ता सुनील जैन ने बताया कि कांग्रेस व विपक्षी दलों ने एक विधेयक का नहीं महिलाओं को सशक्त बनाने और अधिकार देने का विरोध किया है। राष्ट्रहित के कार्य को कांग्रेस और विपक्षी दलों ने राजनीति के तराजू से तौला व महिला आरक्षण विधेयक को पारित नहीं होने देकर नारी शक्ति को उसका अधिकार नहीं मिलने दिया। महापौर अमृता यादव, विधायक कंचन तनवे,छाया मोरै,जिला पंचायत अध्यक्ष पिंकी वानखेडे ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम जो लोकसभा में रखा गया इसका विरोध कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने किया इसका विरोध करते हुए कहा कि कांग्रेस की एक नेत्री हैं जो कहती हैं कि लड़की हूं लड़ सकती हूं, उन्होंने भी महिला आरक्षण का पुरजोर विरोध कर देश की नारी शक्ति को अपमानित करने का कार्य किया है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी भी स्पष्ट कह चुके हैं कि महिलाओं को उनका अधिकार दिलाए बिना चैन से नहीं बैठेंगे। भाजपा कहती नहीं करके दिखाती है। मध्यप्रदेश के 17 जिलों में महिला अधिकारी कलेक्टर, 10 से अधिक जिलों में एसपी हैं। एक जिले में कलेक्टर, एसपी से लेकर अन्य अधिकारी भी महिलाएं हैं। भाजपा प्रदेशभर में जन-जन को बताएगी कि किसने महिलाओं को अधिकार नहीं मिलने दिया। मध्यप्रदेश में भी इसको लेकर विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया जाएगा। भाजपा जिला अध्यक्ष राजपाल सिंह तोमर ने कहा कि महिला आरक्षण के विरोध से कांगेस नेता राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी की महिला विरोधी मानसिकता उजागर हो गई है। ‘नारी शक्ति वंदन‘ अधिनियम के विरोध से विपक्ष का असली चेहरा जनता के सामने आ गया है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए ‘नारी शक्ति वंदन‘ अधिनियम लेकर आए हैं। महिलाओं को अधिकार देने का विरोध करने वाले राजनीतिक दलों को जनता और महिलाएं सबक जरूर सिखाएंगी।

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